बाढ/ अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण से गांव के मुख्य रास्ते पर बहता है नाले का पानी ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से लगे नापी करवाने की गुहार
बाढ़ प्रखंड अंतर्गत मसत्थू गांव में मंदिर की जमीन और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण गांव के मुख्य रास्ते पर जलजमाव है, ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों से आना-जाना करना पड़ता है। लगभग 15 घरों का पानी रास्ते पर ही गिरता है, स्थिति यह है कि ग्रामीणों को इस मुख्य रास्ते से पैदल भी आने-जाने में कठिनाई होती है। लोग साइकिल और मोटरसाइकिल समेत तमाम गाड़ियां इस रास्ते से नहीं ले जा पाते हैं, ग्रामीणों का कहना है कि गांव से पानी निकालने वाले पईन पर सड़क बनाई गई, वहीं मुख्य मार्ग के लगभग 50 मीटर दूर से एक नहर है जो मंदिर के पास आकर मिलती है लेकिन उस नहर पर भी लोगों ने अतिक्रमण कर घर बना लिया है। जिसके कारण घरों का पानी सड़क पर ही जमा रहता है। ग्रामीणों की मांग है कि अंचलाधिकारी गांव के जमीन की मापी करवाए और अतिक्रमण किए हुए लोगों पर कार्रवाई करें। जिससे नाला का निर्माण हो सके और ग्रामीणों को इसका फायदा हो, वही मंदिर की जमीन अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ग्रामीणों को नाले के पानी से आना जाना पड़ता है, सड़क के दोनों ओर के लोग एक दूसरे पर अतिक्रमण का आरोप लगाते रहते हैं। लेकिन
मुखिया प्रतिनिधि कन्हैया सिंह ने कहा कि उनके गांव में जो यह समस्या है, वह 3 साल पहले ही वह खत्म करने का प्रयास किए थे। लेकिन अतिक्रमणकारी द्वारा इसका विरोध किया गया। जिससे आज तक स्थिति नारकीये बनी हुई है।
बाइट कन्हैया सिंह मुखिया प्रतिनिधि
बाइट कई ग्रामीण