प्रशांत किशोर से मांझी, कुशवाहा और सहनी करेंगे मुलाकात, शरद यादव हुए नाकाम!

प्रशांत किशोर से मांझी, कुशवाहा और सहनी करेंगे मुलाकात, शरद यादव हुए नाकाम!

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाने के लिए सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि दिल्ली के एक होटल में प्रशांत किशोर की आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और प्रधान महासचिव माधव आनंद से मुलाक़ात हुई है और बिहार के ताजा राजनीतिक समीकरण पर चर्चा की गई. इसके साथ ही गुरुवार को पूर्व सीएम व हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी और विकाशसील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी दिल्ली में उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी में प्रशांत किशोर से मिलेंगे.

प्रशान्त किशोर और उपेंद्र कुशवाहा की बुधवार देर रात बंद कमरे में हुई मुलाकात ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है. सवाल ये कि क्या प्रशांत किशोर गठबंधन के लिए स्क्रिप्ट लिख रहे हैं. सवाल ये उठ रहा है कि आज एक बार फिर जीतन राम मांझी से होने वाली मुलाकात के मायने क्या हैं?

दरअसल बिहार की राजनीति में हर बदलते दिन के साथ राजनीति भी नई करवट ले रही है. दिल्ली चुनाव में केजरीवाल के जीत के बाद बिहार पहुचे प्रशांत किशोर ने एलान किया था कि किसी भी दल के साथ फिलहाल नही जुड़ेंगे. पर बुधवार की रात उपेंद्र कुशवाहा के साथ दिल्ली में बन्द कमरे में हुई मुलाकात के बाद गुरुवार को कुशवाहा, मांझी और सहनी की पीके से मुलाकात ने सियासत को गर्मा दिया है.

दरअसल उपेंद्र कुशवाहा की कल प्रशांत किशोर से हुई मुलाकात कई मायनों में सफल बताया जा रहा है. यही वजह है कि आज कुशवाहा ने जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी को भी दिल्ली बुलाकर एकबार फिर मुलाकात के समय तय किया है.

कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने मुलाकात के स्वागत करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर अच्छे रणनीतिकार हैं. पीके को बीजेपी और जेडीयू ने अपमानित करके निकाला है इसलिए अब गठबंधन के लिए काम करते हैं तो स्वागत है. हालांकि आरजेडी ने इस मुलाकात से किनारा करते हुए कहा कि दोनों में क्या बात हुई ये वो ही बता सकते हैं. आरजेडी को किसी इवेंट मैनेजर की जरूरत नहीं. आरजेडी की तेजस्वी के नेतृत्व में यात्रा और सभा चल रही है.

पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा, मांझी और मुकेश साहनी ने बंद कमरे में बैठक कर शरद यादव को लालू प्रसाद से मिलने को राजी किया था. माना जा रहा था कि गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर शरद की लालू से साफ बात होगी, पर शरद के तेजस्वी को नेता घोषित करने के बाद कुशवाहा अब पीके के सहारे नई रणनीति बना रहे हैं. बहहराल अब देखना होगा कि क्या कुशवाहा इन बैठकों के जरिये तेजस्वी पर प्रेशर बनाने में सफल होते हैं या फिर गठबंधन के लिए पीके की नई भूमिका तैयार करते हैं.

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