एनआरसी, सीएए, एनपीआर भारतीय संविधान के विरुद्ध काला क़ानून है- नेता प्रतिपक्ष

एनआरसी, सीएए, एनपीआर भारतीय संविधान के विरुद्ध काला क़ानून है- नेता प्रतिपक्ष

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: एनआरसी, सीएए, एनपीआर भारतीय संविधान वे विरुद्ध काला कानून है. मुसलमान तो सिर्फ बहाना है वास्तव में यह भारत के 130 करोड़ लोगों के विरुद्ध है. सीएए के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित लोगों को भारतीय नागरिकता देने की बात गृह मंत्री जी कह रहे हैं. यदि उन्होंने करोड़ों ऐसे लोगों को नागरिकता दे दी तो वे बताएं वे उन्हें कहाँ रखेंगे उनके लिये संसाधन कहाँ से लाएंगे. उन्हें रोजगार कहाँ से देंगे जबके हमारे देश मे बेरोजगारी की गंभीर समस्या है. करोड़ों युवक रोजगार के लिये भटक रहे हैं.

एनपीआर के लिये देश के गरीब कागज कहाँ से लाएंगे. गरीबों को रहने के लिये घर नहीं तो जमीन, अपने बाप दादाओं से संबंधित कागजातों को कैसे सुरक्षित रखेंगे और दिखा पाएंगे. ये कानून गरीब, अभिवंचित, दलित, अदिवासी, पिछड़ों को तंग तबाह एवम दहशत की जिंदगी जीने के लिये मजबूर करने वाला कानून है. इस कानून का विरोध करेंगे और इसे वापस करांगे.

देश की जनता ने संकल्प ले लिया है कि वे भाजपा और एनडीए की केन्द्र सरकार की होशियारी को पहचान चुकी है अब उन्हें केंद्र की सरकार से बेदखल कर ही चैन की सांस लेगी. केन्द्र की सरकार जनता के किए गए वायदों को भूल चुकी है और लोगों का धयान भटकाने के लिये एनआरसी, सीएए, जैसे मुद्दे उठा कर सामाजित भेज भाव और नफरत का वातावरण बना रही है.

देश को बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार के बेहतर व्यवस्था की जरूरत है. देश मंहगाई की मार से त्रस्त है. ये बातें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविदास चेतना मंच के तत्वाधान मे आयोजित गुरु रविदास जी 643 वें जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए रविन्द्र भवन मे कही.समारोह की अध्यक्षता पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने किया तथा रविदास चेतना मंच की ओर से कई मांग रखी।जिस पर नेता प्रतिपक्ष ने अपनी सहमति जताई।

नेता प्रतिपक्ष ने रविदास चेतना मंच को बधाई देते हुए कहा कि मंच हर वर्ष रविदास जी महाराज की जयंती का आयोजन कर नके उपदेशों को प्रचारित एवम प्रसारित कर रहा है तथा उनके संदेश को अपना कर अच्छा इंसान बनने का संदेश लोगों को दे रहा है।उन्होंने संत रविदास जी महाराज को नमन किया।उन्होंने कहा बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर ने दलित समाज को उनका हक दिलाया तथा संविधान मे रक्छन की व्योवस्था की।

समाजवादी विचार धारा के नेताओं ने गरीब, अभिवंचित समाज के लोगों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ी।उन्हें न्याय और अधिकार दिलाने के लिये संघर्ष किया मगर दलित एवम पिछड़ों को जितना आरछण मिलना चाहिए था वे आज तक नही मिल पाया है।सोंची समझी साजिशों के तहत दबे, कुचले, अभिवंचित समाज को दबाया और सताया जा रहा है।

केंद्र की भाजपा सरकार संविधान का अपमान कर रही है और मनुवादी सोंच पर आधारित गुरु गोलवारकर के बंच और थॉट के अनुरूप संविधान मे परिवर्तन करना चाह रही है। उन्होंने दलितों के साथ हो राहेभेद भाव पूर्ण बर्ताव पर भी चर्चा की कहा कि आरक्छन मौलिक अधिकार है इसके लिये लड़ाई लड़ेंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 23 फरवरी को पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान मे विशन बेरोजगारी हटाओ आम सभा होगी ।आप सब इस सभा मे अवश्य आएं और मेरा हाँथ मजबूत करे। राजद की सरकार बनेगी तो हम बेरोजगारी को हटाएंगे।
समारोह को विधायक एवं पूर्वमंत्री आलोक कुमार मेहता, विधायक यथा सूबेदार दास, राजेन्द्र राम, चंदन राम, पूर्व विधानपार्षद तनवीर हसन, आरती देवी, बैजनाथ राम, पूर्वमंत्री सुरेश पासवान, आर पी राम ने भी संबोधित किया.

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