शाहीन बाग का मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा: साधना रामचंद्रन

शाहीन बाग का मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा: साधना रामचंद्रन

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: वर्ष 2019 के अंत में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए अहम निर्णयों में से एक नागरिकता संशोधन कानून के लागु हो जाने से देश में उहापोह की स्थिति बनी रही। यहां तक कि यह मामला अब भी गर्म है। खासकर जब देश की राजधानी दिल्ली की बात की जाए तो दिल्ली के शाहीन बाग़ की हालिया स्थिति किसी से छुपी नहीं है। ऐसी स्थिति से निपटने और देश में सामाजिक समरसता को बरकरार रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के बंद रास्ते को खुलवाने हेतु आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए मध्यस्थों की नियुक्ति की है।

गौरतलब है कि मध्यस्थ संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने बुधवार को शाहीन बाग में धरना दे रहे लोगों से बातचीत की थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. दोनों मध्यस्थों ने आज गुरूवार को भी धरना स्थल पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की.साधना रामचंद्रन ने शाहीनबाग के लोगों से बातचीत के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने वह मुद्दा है, हम उस पर बात नहीं करेंगे।

आपने बुलाया इसलिए हम वापस आए। हम सब हिंदुस्तान के नागरिक हैं और हमें समझकर चलना होगा, हम एक-दूसरे को तकलीफ में नहीं देख सकते। हमारा ईमान है कोशिश करना। पूरी कोशिश के बाद अगर ये मसला नहीं सुलझा तो ये मामला वापस सुप्रीम कोर्ट जाएगा, फिर सरकार जो करना चाहेगी करेगी। हर समस्या का समाधान है। हम चाहते हैं कि हल निकले और शाहीनबाग को बरकरार रखकर निकले, तो सही रहेगा। आपको समझना होगा कि CAA का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने भी आएगा। इसके बाद उन्होंने बंद सड़क के मुद्दे पर बातचीत शुरू की।

संजय हेगड़े ने कहा कि किसी को तकलीफ़ हो रही है तो आप सब मिल जुलकर रास्ता निकालें। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि प्रदर्शन का हक़ बरकरार रहे। शाहीनबाग बरकरार रहे पर किसी को परेशानी न हो। सुप्रीम कोर्ट में हम आपकी आवाज उठाएंगे और आपके बीच आकर आपकी बात सुनेंगे। हम पर यकीन रखें। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थ साधाना रामचंद्रन द्वारा मीडिया की मौजूदगी पर आपत्ति जताने से मीडिया के प्रतिनिधि धरनास्थल से बाहर चले गए।

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