दिल्ली टीचर्स विश्वविद्यालय के पहले कुलपति का चयन विवादों में*

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दिल्ली टीचर्स विश्वविद्यालय के पहले कुलपति का चयन विवादों में-दिल्ली सरकार के दिल्ली टीचर्स विश्वविद्यालय के पहले कुलपति का चयन प्रक्रिया आजकल सवालों के घेरे में है। माना जा रहा है कि कुलपति के चयन में दिल्ली सरकार ने यूजीसी के नियमों की अनदेखी कर दी है।

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यह आरोप प्रोफेसर धनंजय जोशी के Delhi Teachers University में कुलपति के पद पर नियुक्ति पर उठाए जा रहे है। Delhi Teachers University दिल्ली सरकार के अधीनस्थ एक विश्वविद्यालय है , जिसमें नियुक्ति दिल्ली सरकार द्वारा किया जाता है। माना जा रहा है प्रोफेसर धनंजय जोशी , आम आदमी के करीबी होने के कारण ,यूजीसी के नियमों को दरकिनार करते हुए उनकी नियुक्ति कर दी गई है। यूजीसी के नियमानुसार “कुलपति “ पद के लिए कम से कम 10 वर्षों का प्रोफेसर का अनुभव होना अनिवार्य है, पर प्रोफेसर धनंजय जोशी के पास सिर्फ 7 वर्षों का अनुभव है। यह भी कहा जा रहा है कि धनंजय जोशी के खिलाफ पूर्व में plagiarism एवं vigilance case भी रहे है।
यह भी कहा जा रहा है कि कुलपति पद का विज्ञापन तक दिल्ली सरकार द्वारा अखबारों में नहीं किया गया। और सीधे प्रो धनंजय जोशी का नियुक्ति कर दी गई।
इस नियुक्ति में कही न कही पारदर्शिता का अभाव देखने को मिल रहा है।

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