फरेब और झूठ की राजनीति को खत्म करना है तो फिर करनी होगी जमीन पर जाकर राजनीति -नीरज कुमार

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भाजपा का जिन तीन राज्यों में जीत हासिल की है उसमें से दो राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इसके बाद कांग्रेस की रणनीति को लेकर सवाल उठाने शुरू हो गए हैं। अब इसी को लेकर जब इंडिया गठबंधन में शामिल जेडीयू के नेता से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि – यह काफी सोचने वाली बात है।जनता का जनादेश कुछेक भविष्य की तरफ इशारा कर रहे हैं। आप इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर पूर्व के राज्य में चुनाव प्रचार करने भी नहीं गए। यह एक महत्वपूर्ण बात है। तेलंगाना में मोदी के रोड शो के बावजूद मुख्य धारा की राजनीति में नहीं आए इससे पहले कर्नाटक का चुनाव हारे। आपके साथ ही महत्वपूर्ण विषय अभी सामने आया है कि तीन राज्यों में भाजपा को प्रचंड बहुमत हासिल हुई है। ऐसे में इंडिया गठबंधन को या समझना होगा कि सिर्फ मीटिंग करने से कुछ नहीं होने वाला है। यह बातें जदयू के एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कही है।

फरेब और झूठ की राजनीति को खत्म करना है तो फिर जमीन पर जाकर राजनीति करनी होगी। साझा रणनीति, साझा कार्यक्रम,साझा चुनाव होगा तभी यह होगा।  आप साथ नहीं आएंगे तो आपको हारने से कोई रोक नहीं सकता है।

नीरज कुमार कहां की जमीन स्तर पर यदि आप नहीं आएंगे तो आपकी उपलब्धि को भी गलत तरीके से पेश किया जाएगा। आप बिहार में हुई जाति आधारित गाना को आधार बना रहे थे तो लोगों के बीच जाकर आपको यह बताना होगा ना। यदि बिहार विशेष राज्य के दर्जे का मांग कर रहा था तो आपको भी उसमें समर्थन देना चाहिए था लेकिन आप तो उसको लेकर कुछ बोल नहीं। 10% दिन को आरक्षण मिला है उनको नवमी अनुसूची में क्यों नहीं डाला जा रहा है इसको लेकर आपको सवाल उठाना चाहिए था।

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नीरज कुमार ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में यदि हम अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं तो लोकसभा में इसका असर दिखेगा और लोकसभा में भी हमें सीट गंवानी पड़ेगी। मध्य प्रदेश के उन इलाकों में जहां कांग्रेस को बहुमत मिलता था वहां उनकी हार हुई है आखिर इसकी वजह क्या है? मैं बार-बार करता हूं कि यदि आप एक साथ नहीं आएगा तो मोदी को हराना मुश्किल होने वाला है।

नीरज कुमार ने इंडिया गठबंधन को कृत्रिम गठबंधन बताते हुए कहा कि यदि यही करना है तो फिर आप लोग कभी चुनाव नहीं जीत सकते हैं इसकी बैठक लगातार रूप से करते रहिए और लगातार एक दूसरे से बात करते रहिए तभी कुछ संभव होगा। मैं साफ करना चाहता हूं कि यदि लोकसभा साथ लड़ना है तो विधानसभा भी साथ लडिया तभी जीत हासिल होगी।

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