पटना एम्स में अब गंभीर रूप से जले मरीजों का इलाज हो पाएगा-एनटीपीसी के सहयोग से अलग बिल्डिंग बनाई जा रही है

पटना एम्स में अब गंभीर रूप से जले मरीजों का इलाज हो पाएगा-एनटीपीसी के सहयोग से अलग बिल्डिंग बनाई जा रही है

इंडिया सिटी लाइव 29 जनवरी : पटना एम्स में अब गंभीर रूप से जले मरीजों का इलाज हो पाएगा. हालांकि, अभी इसमें एक वर्ष की देरी है, लेकिन इसकी तैयारी शुरू हो गई है. नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन यानी एनटीपीसी के सहयोग से 13 करोड़ की लागत से बर्न के मरीजों के लिए अलग बिल्डिंग बनाई जा रही है.

बिहारवासियों के लिए यह बड़ी खबर इस लिहाज से भी है, क्योंकि बिहार की राजधानी पटना में सरकारी अस्पताल के तौर पर पीएमसीएच में बर्न पेशेंट के इलाज के लिए अलग से वार्ड है, लेकिन यहां मरीजों की बेहतर देखरेख नहीं हो पाने की शिकायतें आती रहती हैं. वहीं, निजी अस्पतालों में काफी रकम खर्च करनी पड़ती है जो सब के बस की बात नहीं होती.

बहरहाल, अब पटना एम्स में बन रही बिल्डिंग एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाने की बात कही जा रही है. ऐसे में जलन के मरीजों के लिए एक साल बाद पटना एम्स भी एक बेहतर विकल्प रहेगा. बता दें कि वर्ष 2018 में ही इसको लेकर एनटीपीसी से एमओयू हुआ था. इसे काफी पहले बनना शुरू होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण देरी हो गई. नई बिल्डिंग बनने के बाद यहां बर्न मरीजों के लिए कुल 80 बेड हो जाएंगे.

बिल्डिंग बनने के बाद पटना एम्स गंभीर रूप से जले मरीजों को भर्ती कर इलाज करने लगेगा. यहां विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा मिलने लगेगी. इससे गंभीर रूप से जले मरीजों के बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा. यहां बर्न मरीजों का सभी तरह का अत्याधुनिक इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा.

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