पटना में राजद की समीक्षा बैठक, हार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार,बड़े नेताओं ने कहा भीतरघात के कारण हुई हार

पटना में राजद की समीक्षा बैठक, हार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार,बड़े नेताओं ने कहा भीतरघात के कारण हुई हार

इंडिया सिटी लाइव(पटना)21दिसम्बर-राष्ट्रीय जनता दल बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी लेकिन सरकार नहीं बना पाई । चुनाव में हार की समीक्षा तो होनी ही थी लेकिन पार्टी के नेता कुछ दिनों से लापता थे। इस बीच राजद के कई दिग्गज नेताओं ने दबी जुबान ही सही लेकिन पार्टी नेतृत्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया। अबद्दुलबारी सिद्दिकी ने तो कहा कि लालू प्रसाद यादव की जगह कोई नहीं ले सकता। बहरहाल पटना में सोमवार को राजद ने समीक्षा बैठक बुलाई। राजद की समीक्षा बैठक में बड़े से लेकर छोटे नेताओं का जुटान देखने लायक था। सुबह से ही राजद कार्यालय में कांग्रेस को लेकर गरमाहट बढ़ गई और  नेता खुलकर बोलने लगे कि चुनाव में हार का मुख्य कारण कांग्रेस ही है। कांग्रेस पर हार का ठीकरा फोड़ने वालों में आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद का नाम उल्लेखनीय है। चेतन आनंद ने कहा कि कांग्रेस को ज्यादा सीटें देना पार्टी के लिए घातक सिद्ध हुआ।  राजद के पूर्व विधायक यदुवंश सिंह जो इस चुनाव में हार गए हैं। यदुवंश यादव कहते हैं कि चुनाव में तेजस्वी यादव की हार नहीं हुई बल्कि कांग्रेस के कारण पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन कांग्रेस के खिलाफ आग उगलने वाले नेताओं से कहीं ज्यादा संख्या उनकी भी रही जो मानते हैं कि चुनाव में भीतरघात के कारण कई सीटें हारनी पड़ी। कभी लालू के बेहद करीबी रहे पार्टी के दिग्गज नेता रमई राम ने कहा कि पार्टी की हार भीतरघात के कारण हुई है। उधर कांग्रेस नेता आनंद मादव ने राजद पर हमला बोला है । आनंद मादव ने कहा कि कांग्रेस और सहयोगी दलों पर सवाल उठाने वाले राजद नेताओं को राजद नेतृत्व पार्टी से बाहर करे।   

राजद के कद्दावर नेता और लालू यादव के दाहिने हाथ कहे जाने वाले अब्दुलबारी सिद्दिकी ने कहा कि चुनाव के दौरान लालू यादव की कमी खली। कोई भी लालू की गह नहीं ले । पार्टी के एक अन्य नेता पृथ्वी यादव ने तो साफ कह दिया कि लालू लालू हैं और तेजस्वी तेजस्वी हैं.बहरहाल ये बाते बैठक शुरू होने से पहले की ती। उम्मीद की जा रही है कि देर शाम जब बैठक खत्म होगी तो कुछ ठोस बाते सामने आए , लेकिन फिलहाल लगता है कि राजद में नेतृत्व पर सवाल खड़ा करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।  बहरहाल राजद की समीक्षा बैठक के आखिरी चरण में किसान आन्दोलन को समर्थन देने के विषय पर भी चर्चा हो सकती है।

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