रिमझिम समर कैंप 2023″ के छठे दिन आज किलकारी दरभंगा मे सृजनात्मक गतिविधियों, फन गेम के अतिरिक्त बाईस्कोप का आनंद बच्चों ने उठया।

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“रिमझिम समर कैंप 2023” के छठे दिन आज किलकारी दरभंगा मे सृजनात्मक गतिविधियों, फन गेम के अतिरिक्त बाईस्कोप का आनंद बच्चों ने उठया।

मिथिला की पावन भूमि दरभंगा, किलकारी बाल भवन के द्वारा रिमझिम समर कैंप 2023 का आयोजन किया जा रहा है।
किलकारी के कार्यक्रम प्रमंडल समन्वयक श्री प्रणव भारती अपने सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श करते हुए यह निर्णय लिए कि बिहार के तमाम लोक संस्कृति से अपने बच्चों को जोड़कर अपनी संस्कृति को सम्मिलित किया जाय और अपने बच्चों को अपने कला संस्कृति संस्थान चरित करना है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग विधा के विशेषज्ञ गुरुजनों को आमंत्रित किए ।
इसी क्रम में मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित को आमंत्रित किया गया ।
गुरुजी ने विलुप्त हो रही मंजूषा कला को विकसित करने का प्रयास किया है और सफलता भी पाये है। इन्होने सरकार से मिलकर अंग की लोक कला का प्रचार प्रसार ही नहीं किए बल्कि इसे राष्ट्रीय पहचान भी दिलाए। मंजूषा गुरु जी के साथ मिथिला चित्रकला प्रशिक्षिका राधा कुमारी जी ने सहयोग किये। मंजूषा कला विधा में लगभग 80 बच्चे भाग लिए ।

मिथिला क्षेत्र अंतर्गत दरभंगा में पहली बार अंग प्रदेश (भागलपुर) की लोक कला मंजूषा आर्ट का सात दिवसीय प्रशिक्षण मंजूषा गुरु श्री मनोज कुमार पंडित जी ने शुरू किया इसके साथ ही अन्य विधाओं जैसे कि
सृजनात्मक लेखन में श्री रजनी कांत शुक्ला, दिल्ली ने तीन दिवसीय कविता, कहानी तथा लेखन शैली का प्रशिक्षण दे रहे है। जिसमे 30 बच्चे शामिल हुए है।

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शतरंज विशेषज्ञ श्री साकेत चौधरी छः दिवसीय शतरंज कार्यशाला शिविर के अंतिम दिन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें आज कुल 36 बच्चे शमिल हुए। प्रतियोगिता के अंत मे मुख्य 03 बच्चों प्रिन्स कुमार, संतोष कुमार, प्रेम कुमार को चयनित किया गया।
साकेत जी ने बच्चों को शतरंज खेल के 10 फायदे, समस्या का समाधान, दबाव में भी शांत होकर खेलना, खेल भावना, रचनात्मक सोच, स्थानिक समझ, मेहनत करना, फेयर प्ले, निर्णय लेने की समझ और समय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिए।
इन गतिविधियों के अतिरिक्त मूर्तिकला हस्तकला, मिथिला पेंटिंग, पेंटिंग, वेस्टर्न डांस, संगीत इत्यादि में एक से बढ़कर एक कलाओ से बच्चों को अवगत कराए जा रहे है।

बाईस्कोप – आज के गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहा बाईस्कोप।
मोबाइल गेम के दौर में विलुप्त होते बच्चों के मनोरंजन के साधन से अवगत कराने की उत्साहवर्धक प्रयत्न करते हुए बाइस्कोप दिखाया गया। जिससे बच्चे खुश भी हुए और आश्चर्यचकित भी हुए।

आज के सभी गतिविधियों के अंत में मनोरंजक तरीके से फन गेम के अंतर्गत “तरबूज रेस” का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चे खूब मौज मस्ती के साथ भाग लिए, विजेता बने और तरबूज खाएं।
इसी के साथ आज की गतिविधियों का समापन किलकारी प्रार्थना एवं राष्ट्र गान से हुआ। मौके पर श्री प्रणव भारती जी, श्री आनंद किशोर जी, सभी कर्मी, प्रशिक्षक तथा लगभग 600 बच्चे शामिल हुये।

सभी प्रतिभागी काफी प्रतिभावान और ऊर्जावान है और सौभाग्यशाली भी है, जिन्हें एक साथ, एक स्थान पर मनोरंजन के साथ निःशुल्क सृजनात्मक गतिविधियां सीखने के अवसर प्राप्त हो रहे है, किलकारी में समर कैम्प के माध्यम से।

 

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