घोड़ा रेस के साथ ब्रह्मपुर के प्रसिद्ध पशु मेला का हुआ समापन

0 386

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

घोड़ा रेस के साथ ब्रह्मपुर के प्रसिद्ध पशु मेला का हुआ समापन

पुरे देश से जुटे थे पशुओं के विक्रेता..

मंत्री रामसूरत राय ने की शिरकत..

कहा मेले से मिलेगा पशु व्यवसायियों को बल..

- Sponsored -

- Sponsored -

बक्सर से कपीन्द्र किशोर की रिपोर्ट..

6/3/2022

 

बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ की नगरी ब्रह्मपुर के प्रसिद्ध फाल्गुनी पशु मेला में शनिवार को आयोजित घोड़ा रेस प्रतियोगिता में बक्सर के चौसा के साधु नामक घोड़ा ने सभी घोड़ों को पछाड़कर बाजी जीत ली.. जबकि, मोकामा विधायक अनन्त सिंह के लाडला नामक घोड़े को दूसरा पुरस्कार मिला। इस प्रसिद्ध घोड़ा रेस के साथ ही आठ दिनों तक चलनेवाला ब्रह्मपुर का प्रसिद्ध फाल्गुनी मेला संपन्न हो गया.. घोड़ादौड़ देखने के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में लोग आए थे। पूर्व जिला परिषद सदस्य मार्कण्डेय सिंह के रैयती मैदान में आयोजित भव्य घोड़ा रेस देखने के लिए चारों तरफ मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था।
आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रतियोगिता में कुल 44 घोड़ो ने हिस्सा लिया था। जहाँ चार ग्रुप में सेमीफाइनल मुकाबला कराया गया. इस दौरान प्रत्येक ग्रुप में 11 घोड़े शामिल हुए जिनमें से दो-दो घोड़े फाइनल मुकाबले के लिए चयनित किये गए वही फाइनल प्रतियोगिता में कुल 8 घोड़े प्रवेश किये।
बता दें कि जहाँ सेमीफाइनल प्रतियोगिता का उद्धघाटन विशिष्ट अतिथि सिवान के सांसद अजय सिंह व मेला मालिक सह रेस के मुख्य आयोजनकर्ता मार्कण्डेय सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया तो वही फाइनल मुकाबला का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि बिहार सरकार के मंत्री रामसूरत राय ने किया। इस मौके पर प्रतिष्ठित व्यवसायी कृष्णा सिंह, अमसारी मुखिया पिंटू सिंह,क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत बहादुर सिंह,भाजपा नेता सतेन्द्र कुँवर,समाजसेवी प्रेमभूषण सिंह,समाजसेवी मुन्ना सिंह सहित कई वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।

वही फाइनल में चार चक्कर लगाने थे। इस दौरान सबको पीछे छोड़ते हुए बक्सर चौसा के निवासी मधु यादव का घोड़ा साधु ने प्रथम पुरस्कार की बाजी मार ली। वहीं, मोकामा विधायक अनन्त सिंह के घोड़े लाडले को दूसरे पुरस्कार के लिए चुना गया। जबकि, बाढ़ जिला के नदमा के विवेका पहलवान के घोड़ा बागी को तीसरा पुरस्कार मिला। निर्णायक समिति द्वारा प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कारों की घोषणा की गई। इसके बाद आयोजकों द्वारा फाइनल में हिस्सा लेने वाले अन्य पांच घोड़ा मालिकों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए विशेष पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता का संचालन पैक्स अध्यक्ष भरत भूषण सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी विद्या भूषण सिंह ने किया। रेफरी की भूमिका पूर्व मुखिया अशोक सिंह ने निभाई।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More