बिहार सरकार ने ग्रामीण कचहरी को दे दिया बड़ा अधिकार

356

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

बिहार सरकार ने ग्रामीण कचहरी को बड़ा अधिकार दे दिया है। अब राज्य के सभी सरपंच एक बार फिर से वंशावली बना सकेंगे। जानकारी पंचायती राज विभाग की तरफ से दी गई है। जिसके बाद  इसको लेकर विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त एवं पंचायती राज अधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें वंशावली निर्गत करने के लिए सक्षम प्राधिकार को सूचना दी गई है।

विभाग के तरफ से वंशावली बनाने की समय सीमा भी तय कर दी गई है। इसको लेकर पांच दिसंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें पंचायती राज विभाग को वंशावली निर्गत करने के सक्षम प्राधिकार घोषित करने और अन्य प्रक्रियाओं के निर्धारण का जिम्मा दिया गया था।

जिस व्यक्ति को वंशावली प्रमाण पत्र की जरूरत होगी वह शपथ पत्र पर अपनी वंशावली का विवरण स्थानीय निवासी होने के साक्ष्य के साथ एक आवेदन अपने ग्राम पंचायत सचिव को देगा। आवेदन के साथ ₹10 का शुल्क पंचायत सचिव के पास जमा करना अनिवार्य होगा फीस जमा नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदक  की रसीद पंचायत सचिव देगा यह राशि पंचायत निधि में जमा होगी। इतना ही नहीं दोबारा वंशावली के लिए ₹100 का शुल्क जमा करना होगा।

- sponsored -

- sponsored -

- Sponsored -

वंशावली के आवेदन प्राप्ति की अधिकतम सात दिनों के अंदर कागजातों की जांच के बाद आवेदन पत्र पर ही सील मोहर और तिथि के साथ अपनी अनुशंसा ग्राम कचहरी के जरिए सचिव के पास भेज देगा। इस आवेदन की फोटो कॉपी पंचायत सचिव के कार्यालय में सुरक्षित होगी ग्राम कचहरी सचिव अपने पास आए आवेदन का विवरण पंजी में दर्ज कर उसे सरपंच के पास उपस्थापित करेंगे।

सरपंच उसे आवेदन की फोटो कॉपी कर उसे ग्राम कचहरी के ऐसे स्थान पर चिपकाएंगे जहां वह आसानी से दिखे। इसके बाद इस पर आम लोगों से 7 दिनों में आपत्ति आमंत्रित की जाएगी। यदि तय समय में कोई आपत्ति नहीं आती है तो फिर सरपंच अपने सील मुहर ओर हस्ताक्षर के साथ वंशावली निर्गत करेंगे। लेकिन ध्यान रखना होगा कि इस पूरी प्रक्रिया में 15 दिन से अधिक का समय नहीं लिया जाए।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More