स्कूल में 10 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की छुट्टी नहीं दी जाए-केके पाठक का आदेश

59

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

बिहार के सरकारी स्कूलों के हेडमास्टर अब पहले की तरह छुट्टी नहीं देंगे। अब एक साथ अधिक से अधिक स्कूल के 10 फीसदी शिक्षकों को ही छुट्टी मिल सकेगी। एसीएस केके पाठक ने इसको लेकर सभी जिलों को आदेश जारी किया है। केके पाठक ने जिलों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों के छुट्टी लेने की मनोवृत्ति पर रोक लगाएं और एक साथ स्कूल में 10 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की छुट्टी नहीं दी जाए।

एसीएस केके पाठक ने सभी डीएम और डीडीसी को आवश्यक पहल करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में पाठक ने कहा है कि 1 फरवरी से बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं।आवश्यक है कि सभी शिक्षक बच्चों को ठीक से पढ़ाएं और शिक्षकों की उपस्थिति स्कूलों में बेहतर हो। शिक्षकों पर सख्त अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता है। पाठक ने कहा है कि बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित करीब 50 शिक्षक योगदान देने के बाद भगोड़े हो गए हैं। ऐसे भगोड़े शिक्षकों को सस्पेंड करते हुए, उनपर विभागीय कार्रवाई शुरू करें।

- Sponsored -

- Sponsored -

एसीएस ने कहा है कि बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक स्कूलों में विशेष कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इसका काफी फायदा मिल रहा है, अभिभावक भी इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। यह आवश्यक है कि शिक्षकों की छुट्टियों पर नियंत्रण हो। उन्होंने नेशनल कॉरिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 की चर्चा की है और पूरी रिपोर्ट भी जिलों को भेजी है। उन्होंने कहा है कि फ्रेमवर्क में साफ बताया गया है कि प्रारंभिक विद्यालयों में प्रतिदिन सवा सात घंटे और माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों  में 8.5 घंटे पढ़ाई का उल्लेख किया गया है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पिछले सप्ताह पटना हाईस्कूल, गर्दनीबाग के औचक निरीक्षण में पाया था कि बिहार लोक सेवा आयोग से अनुशंसित एवं नियुक्त शिक्षकों की काउंसिलिंग चल रही है, लेकिन इस हाईस्कूल में एकसाथ 10 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षक छुट्टी पर हैं। जिसके बाद उन्होंने राज्य के सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर इस दिशा में पहल करने को कहा है।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More