भजन सम्राट नरेंद्र चंचल का निधन, 80 वर्ष के थे, मां से भक्ति संगीत में जगी थी रुचि

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इंडिया सिटी लाइव 22 जनवरी :भजन सम्राट नरेंद्र चंचल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और आज दोपहर को उनका निधन हो गया है. नरेंद्र चंचल जागरण में माता की भेंटें गाते थे और वह बॉलीवुड में भी अपनी गायकी से फैन्स का दिल जीत चुके थे. 1980-90 के दशक में वह माता के जागरण की शान हुआ करते थे, और उनकी आवाज और गायकी भक्तों और लोगों को अपने में आत्मसात कर लेती थी. नरेंद्र चंचल जिस जागरण में वह चले जाते थे, वहां लोगों का हुजूम टूट पड़ता था.

नरेंद्र चंचल की मां कैलाशवती भी भजन गाया करती थीं. मां के भजन सुनते- सुनते उनकी रुचि भक्ति संगीत में बढ़ी. नरेंद्र चंचल की पहली गुरु उनकी मां ही थीं , इसके बाद चंचल ने प्रेम त्रिखा से संगीत सीखा, फिर वह भजन गाने लगे. नरेंद्र चंचल ने अपनी गायकी से बॉलीवुड में एक खास पहचान बनाई थी. उनकी गायकी का सफर राज कपूर के समय ही शुरू हुआ था. फिल्म ‘बॉबी’ में उनके द्वारा गाया गाना ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो’ काफी मशहूर हुआ था. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए, लेकिन उन्हें पहचान मिली फिल्म ‘आशा’, में गाए माता के भजन ‘चलो बुलावा आया है’ से जिसने रातोरात उन्हें मशहूर बना दिया. हाल ही में नरेंद्र चंचल ने कोरोनावायरस महामारी को लेकर गाना गाया था जो काफी वायरल भी हुआ था. 

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क्रिकेटर हरभजन सिंह ने ट्वीट किया है और लिखा है, ”यह जानकर बहुत दुख हुआ कि महान सिंगर नरेमद्र चंचल नहीं रहे. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं…’ बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा था. उन्होंने कई प्रसिद्ध भजनों के साथ हिंदी फिल्मों में भी गाने गाए हैं.

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