मधुबनी : बेटी होने की सजा जान देकर चुकानी पड़ी- मां ने ही बच्ची को तालाब में फेंक दिया

इंडिया सिटी लाइव 3 फरवरी : मधुबनी में एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है.

मधुबनी में एक मासूम को बेटी होने की सजा जान देकर चुकानी पड़ी. घटना लदनियां थाना इलाके के ठाढ़ी गांव की है. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी महिला सिया देवी ने बताया कि उसकी 2 बेटियां थीं, अभी फिर से वो गर्भवती है, बीते दिसंबर महीने में खुटौना में संचालित निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में उसने अवैध रूप से भ्रूण का लिंग परीक्षण कराया था, व्हां उसे बताया गया कि उसके गर्भ में फिर से लड़की है. उसके बाद एक और बेटी होने को लेकर वह परेशान हो गई. लोगों के ताने सुनने पड़ रहे थे, वो अलग. सोमवार की रात उसने अपनी छोटी बेटी आशिका को घर के पीछे तालाब में फेंक दिया, और बच्ची के चोरी होने की अफवाह फैला दी.

समाज के तानों से तंग आकर दो बेटियों की मां ने कोख में तीसरी बेटी होने की बात जानकर अपनी एक साल की बेटी को तालाब में फेंककर मौत के घाट उतार दिया. पुलिस के मुताबिक, मासूम का शव उसके घर के पास ही बने तालाब से बरामद हुआ है. आरोपी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. घटना लदनियां थाना के ठाढ़ी गांव की है. जहां पर आरोपी महिला समेत नर्सिंग होम का संचालक गिरफ्तार हो गए हैं.

एएसपी शौर्य सुमन के मुताबिक खुटौना में लाइफ केयर नामक अल्ट्रासाउंड सेंटर में 29 दिसंबर 2020 को महिला ने लिंग परीक्षण करवाया था, बताया जा रहा है कि अवैध रूप से संचालित इस सेंटर में कार्यरत डॉ प्रवीण रंजन व संचालक विनोद यादव ने महिला को गर्भ में पल रही बच्ची की जानकारी दी थी. फिलहाल पुलिस ने खुटौना में संचालित अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक विनोद यादव को खुटौना पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है, वहीं इस सेंटर पर कार्यरत डॉ प्रवीण रंजन के खिलाफ भी खुटौना थाने में एफआईआर कराई जा रही है.

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