महिलाओं के बंध्याकरण की अपेक्षा 20 गुना सरल है पुरुष नसबंदी का ऑपरेशन : एसीएमओ

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महिलाओं के बंध्याकरण की अपेक्षा 20 गुना सरल है पुरुष नसबंदी का ऑपरेशन : एसीएमओ

– जिले में 15 नवंबर से दो चरणों में आयोजित होगा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा
– परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जायेगा विशेष अभियान
आरा, 12 नवंबर | परिवार नियोजन में जिले में कई अभियान चलाये जाते हैं। साथ ही, दंपतियों को स्थायी व अस्थायी साधनों के प्रयोग करने के लिये प्रेरित भी किया जाता है। अस्थायी साधानों का प्रयोग करने में कमोवेश जिले में पुरुषों व महिलाओं की संख्या ठीक है। लेकिन, स्थायी साधनों के प्रयोग में अभी भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक है। स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रयासरत है। पुरुष परिवार नियोजन के लिये स्थायी साधनों के प्रति उदासीन रहते हैं। जिसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिले में नवंबर से पुरुषों के लिये विशेष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया जायेगा।
इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी किया है। जारी पत्र के अनुसार 15 नवंबर से 4 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा आयोजित किया जायेगा। इसके लिये पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का थीम “पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया सुखी परिवार का आधार बनाया” दिया गया है। पखवाड़ा दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में 15 से 21 नवंबर तक “दंपति संपर्क सप्ताह” एवं 22 नवंबर से 4 दिसंबर तक “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा” का आयोजन किया जाएगा।
पुरुष नसबंदी है बिल्कुल सुरक्षित :
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के.एन. सिन्हा ने बताया, पुरुषों की नसबंदी बिना टांका एवं चीरा एक घंटे के भीतर होता है। जो बिल्कुल सुरक्षित है। नसबंदी के बाद किसी भी प्रकार की शारीरिक एवं यौन दुर्बलता नहीं होती है। नसबंदी के बाद अस्पताल में रहने की जरूरत नहीं होती तथा इससे किसी भी प्रकार के दूरगामी स्वास्थ्य जटिलताएं नहीं होती। वहीं, करेंट ओबस्ट्रेटिक गायनाकोलोजी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष नसबंदी की तुलना में महिला नसबंदी 20 गुना जटिलता से भरा होता है। पुरुष नसबंदी की तुलना में महिला नसबंदी के फेल होने की संभावना भी 10 गुना अधिक होती है। साथ ही, पुरुष नसबंदी महिला नसबंदी की तुलना में तीन गुना कम महंगा होता है।
योग्य दंपति के बीच अस्थायी साधनों का भी होगा वितरण :
पखवाड़ा के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले योग दंपति को गर्भनिरोधक के संबंध में परामर्श देते हुए इच्छित गर्भ निरोधक साधन अथवा सेवा इच्छा अनुसार उपलब्ध करायी जाएगी। पखवाड़े के दौरान आशा द्वारा अस्थायी साधनों मसलन कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियों आदि के वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, लाभार्थी को बार-बार केंद्रों पर आने एवं बार-बार संपर्क से बचने के लिए कंडोम और गर्भनिरोधक गोली के अतिरिक्त पैकेट आपूर्ति की जा सकती है।

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