नहीं रहे हथुआ के राजा बहादुर ब्रजेश्वर साही

नहीं रहे हथुआ के राजा बहादुर ब्रजेश्वर साही

हथुआ के वर्तमान महाराजा मृगेंद्र प्रताप साही के चाचा राजा बहादुर ब्रजेश्वर प्रसाद साही का निधन रविवार की सुबह पटना के गंगा पैलेस में हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राज परिवार, राज कर्मियों व स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी। 88 वर्षीय राजा बहादुर सांस की बीमारी से पीड़ित थे। उनका अंतिम संस्कार पटना के गुलबी घाट में हुआ,जहां उनके इकलौते पुत्र कुमार प्रणव प्रताप साही ने मुखाग्नि दी। यह बताते चलें कि राजा बहादुर आध्यात्मिक प्रवृत्ति के काफी संवेदनशील इंसान थे। उन्होंने अपना सारा जीवन मानव सेवा में समर्पित किया। पटना के पीएमसीएच के साइकेट्रिक डिपार्टमेंट में लंबे समय तक निशुल्क अपनी सेवा दी। वे इंडो जर्मन एसोसिएशन के सेक्रेटरी भी रहे। संस्कृत, हिंदी,जर्मन,बंगाली व अंग्रेजी के ज्ञाता व विद्वान राजा बहादुर ने चिकित्सा की अल्टरनेटिव थेरेपी व एब्सेंट फीलिंग के साथ-साथ आर्ट ऑफ लिविंग को बिहार में पहली बार पहचान दिलायी।उनके निधन की सूचना पर तमकुही के राजा साहब, अवसान गंज के राजा साहब, झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन,मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, सिक्किम के पूर्व चीफ जस्टिस, डीजीपी एसके सिंघल, एडीजी कुंदन कृष्णन, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ.आरबी शर्मा, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ प्रभात कुमार, माझा स्टेट के बटुक बाबू सहित सैकड़ों लोगों ने शोक संतप्त परिवार को अपनी संवेदना व्यक्त की। मौके पर राजा बहादुर की पत्नी रानी जनक नंदिनी, महाराजा बहादुर मृगेंद्र प्रताप साही, महारानी पूनम साही, युवराज कौस्तुभ मणि प्रताप साही, युवरानी विदिशा साही ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

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